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नए नियम में शेयरहोल्डर्स की टैक्स लायबिलिटी बढ़ गई है। कई शेयहोल्डर्स के लिए टैक्स रेट पहले कंपनियों की तरफ से चुकाए जाने वाले 23.29 फीसदी से ज्यादा हो गया है। इस वजह से ज्यादा टैक्स स्लैब में आने वाले लोग शेयर बायबैक प्रोग्राम से दूरी बना सकते हैं