संयुक्त राष्ट्र लम्बे समय से, युवाओं को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करने के लिए प्रयासरत रहा है और विशेष रूप से पिछले एक दशक के दौरान ख़ासी प्रगति की गई है. युवा, शान्ति और सुरक्षा पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को अपनाए जाने के बाद, इस पहल ने, यह सुनिश्चित किया कि युवाओं की आवाज़ें केवल सुनी ही न जाएँ, बल्कि शान्ति योजनाओं और नीतियों में सक्रिय रूप से शामिल भी की जाएँ.