(खबरें अब आसान भाषा में)
दुनिया भर में, वर्ष 2022 के बाद से, भूख यानि जीने के लिए ज़रूरी भरपेट भोजन नहीं मिलने की स्थिति का सामना करने वाले लोगों की संख्या में, मामूली कमी तो दर्ज की गई है मगर यह सभी स्थानों पर समान नहीं है. साथ ही, दुनिया भर में विषमताओं का दायरा बढ़ा है.