(खबरें अब आसान भाषा में)
प्रशांत किशोर ने पहले दावा किया था कि उनकी पार्टी 150 सीट जीतेगी, लेकिन बाद में कहा कि सीटों की संख्या में या तो पार्टी टॉप पर होगी या सबसे निचले पायदान पर। पार्टी जोरदार प्रचार अभियान और बेरोजगारी, पलायन और उद्योगों की कमी जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाने के बावजूद वोट जुटाने में विफल रही