दक्षिण एशिया में आर्थिक गतिविधियों में, महिलाओं की भागेदारी अब भी बहुत सी बाधाओं से घिरी हुई है. इनमें असमान वेतन, अवसरों तक सीमित पहुँच और ऐसी अपेक्षाएँ शामिल हैं, जो उनकी महत्वाकाँक्षा व नेतृत्व को रोकती हैं. लेकिन जब महिलाओं को काम करने, नेतृत्व करने और उद्यम शुरू करने का अवसर मिलता है तो इनके परिणाम, केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहते. इनसे परिवार, समुदाय और अर्थव्यवस्थाएँ मज़बूत होती हैं.