8 मार्च को ‘अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस’ से पहले, महिला सशक्तिकरण के लिए यूएन संस्था (UN Women) ने एक नया ऐलर्ट जारी किया है: अधिकारों और क़ानून के शासन को बनाए रखने के लिए स्थापित न्याय प्रणालियाँ, महिलाओं व लड़कियों के लिए हर जगह विफल साबित हो रही हैं. विश्व भर में, पुरुषों की तुलना में महिलाओं को केवल 64 प्रतिशत क़ानूनी अधिकार ही हासिल हैं, जिसकी वजह से उन्हें भेदभाव, हिंसा और जीवन के हर चरण में बहिष्करण का सामना करना पड़ता है.