Delhi News: जिस कुर्सी पर बैठकर बतौर सीएम अरविंद केजरीवाल सरकार चला रहे थे, नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री आतिशी ने पदभार संभालते हुए अपने दफ्तर के भीतर उस कुर्सी को खाली छोड़ दिया। अब दिल्ली विधानसभा की बारी है। सवाल उठने लगा है कि क्या अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा में सदन के नेता की सीट छोड़ेंगे या आतिशी सदन के भीतर भी एक कुर्सी खाली रहने देंगी?
वैसे किसी विधानसभा के भीतर जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था करना सदन के अध्यक्ष की जिम्मेदारी रहती है। ये भी है कि अमूमन एक मुख्यमंत्री सदन का नेता होता है। हालांकि दिल्ली में जिस तरह परंपराएं बदली हैं, विधानसभा के भीतर भी इसकी छाप देखी जा सकती है। दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय (26 और 27 सितंबर) विशेष सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। बतौर मुख्यमंत्री आतिशी का ये पहला सत्र होगा और 2013 के बाद से सिर्फ एक विधायक के रूप में अरविंद केजरीवाल का भी पहला सत्र होगा। हालांकि विशेष सत्र के दौरान सबकी नजरें यहां सदन के नेता की कुर्सी पर टिकी होंगी।
आतिशी या केजरीवाल, सदन के नेता की कुर्सी पर कौन?
कहना जल्दबाजी होगा कि आतिशी बतौर मुख्यमंत्री सदन में एक नेता की भूमिका निभा सकती हैं। अगर निभाती भी हैं इस बात की संभावना है कि वो सदन के नेता के रूप में दिल्ली विधानसभा में सीट खाली छोड़ सकती हैं। इसके पहले नई भूमिका में आने के साथ आतिशी ने अपने कार्यालय में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली छोड़ दी, जिसे अरविंद केजरीवाल के प्रति उनकी बेबाक घोषणा के रूप में देखा गया। संभावना ये भी है कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद से हटने के बावजूद पार्टी और सरकार पर अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए सदन के नेता की कुर्सी पर बने रह सकते हैं।
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आतिशी ने CM दफ्तर में कुर्सी खाली छोड़ी
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने 23 सितंबर 2024 को दिल्ली के 8वें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। अपने पूर्ववर्ती अरविंद केजरीवाल की तरफ से इस्तेमाल की जाने वाली कुर्सी पर बैठने से इनकार करते हुए आतिशी ने एक अलग कुर्सी को चुना। दिल्ली सचिवालय में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कहा, ‘ये दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी है, ये कुर्सी अरविंद केजरीवाल की है।’ उन्होंने यहां तक कह दिया कि वो अगले विधानसभा चुनाव तक सिर्फ कुछ महीनों के लिए ही मुख्यमंत्री रहेंगी और केजरीवाल को फिर से मुख्यमंत्री बनाना उनकी और पार्टी की एकमात्र मंशा है।
दिल्ली में AAP के पास 60 विधायक
दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के पास प्रचंड बहुमत है। ऐसे में किसी नियम और विधेयक को पास कराने की पार्टी के सामने दिक्कत नहीं रही है। दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी के पास 70 सदस्यीय विधानसभा में 60 विधायक हैं। भारतीय जनता पार्टी के 7 सदस्य हैं और बाकी 3 सीटें खाली हैं। बहरहाल, जब दिल्ली सरकार का नेतृत्व बदल चुका है और अगुवाई आतिशी कर रही हैं तो ऐसे में विधानसभा के अंदर की तस्वीर कितनी बदलती है, ये सत्र की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
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