युवा पुरुषों की तुलना में महिलाओं व लड़कियों द्वारा उच्च शिक्षा प्राप्त करने की सम्भावना अधिक होती है, लेकिन विज्ञान के स्नातकों में उनकी हिस्सेदारी केवल 35 प्रतिशत ही है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विज्ञान, टैक्नॉलॉजी, इंजीनियरिंग व गणित (STEM) विषयों में लैंगिक खाई को दूर करके, समावेशी व सतत विकास में तेज़ी लाई जा सकती है.