फिलहाल वाराणसी के जाल्हूपुर में एक अस्थायी सेंटर पर इसी साल अगस्त महीने से इसकी पढ़ाई भी शुरू हो गई है। इस अस्थायी भवन में संसाधनों की कमी और कम जगह के कारण स्टूडेंट्स की संख्या भी कम है। लेकिन जब शहंशाहपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का भवन तैयार हो जाएगा तो यहां स्टूडेंट्स की संख्या 10 गुना तक बढ़ जाएगी। बता दें कि वाराणसी में बन रहा यह फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी देश का दूसरा और प्रदेश का पहला नेशनल यूनिवर्सिटी है। राजधानी लखनऊ में स्थित उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान भी गुजरात के गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध है।