Land For Job Scam: लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव (Lalu Yadav) और उनके बेटे तेजस्वी यादव ( Tejashwi Yadav ) और तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) को जमानत मिल गई है। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर बेल दी। जमानत मिलने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि इस मामले में कोई दम नहीं है और हमारी जीत तय है।
लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में जमानत मिलने पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और RJD नेता तेजस्वी यादव कहते हैं कि हमें न्यायालय से न्याय मिला है। भाजपा विपक्ष के नेताओं के साथ राजनीतिक प्रतिशोध करती है। हम लड़ने वाले हैं, संघर्ष करने वाले हैं।
‘मामले में दम नहीं, हमारी जीत पक्की…’
तेजस्वी यादव ने कहा, ‘हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। जनता समझ चुकी है कि भारतीय जनता पार्टी किस तरह से राजनीतिक बदले की भावना से एजेंसियों का दुरुपयोग कर केस और मुकदमे दर्ज कराती है। हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है, हम न्यायालय में अपना पक्ष रखते हैं और हमें उम्मीद है कि न्यायालय से हमें न्याय मिलेगा, जैसा कि आज मिला है। इस मामले में कोई दम नहीं है। हम लड़ेंगे और हमारी जीत पक्की है।’
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?
आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद देश के रेल मंत्री थे, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर रेलवे में ग्रुप D की भर्ती में कई लोगों को जमीन के बदले नौकरी पर लगवाया। आरोप है कि राबड़ी देवी और उनकी बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव के नाम पर की गई डीड के जरिए ये जमीनें ट्रांसफर हुई हैं।
सीबीआई ने दावा किया कि ऐसी नियुक्तियों के लिए कोई विज्ञापन या कोई सार्वजनिक नोटिस जारी नहीं किया गया था, फिर भी पटना के निवासी नियुक्त लोगों को मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में तमाम जोनल रेलवे में सब्सीट्यूट्स के रूप में नियुक्त किया गया।
25 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी कर रही है। ईडी की ओर से दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को पेश होने का आदेश दिया था। मामले में अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी।
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