महिलाओं के अधिकारों पर ऐतिहासिक बीजिंग घोषणा-पत्र को अपनाए हुए तीन दशक बीत चुके हैं. इस दौरान काफ़ी प्रगति हुई है, लेकिन महिलाएँ और लड़कियाँ आज भी अस्वीकार्य स्तर पर हिंसा और भेदभाव का सामना कर रही हैं. इस साल महासभा में, संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने, अब तक की उपलब्धियों की समीक्षा की है और उस विशाल कार्यभार के प्रति आगाह भी किया है, जो अभी पूरा किया जाना बाक़ी है.