22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के 32 दिन बाद प्रशासन ने आखिरकार उस इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद इमारत की मंजूरी, रिहायशी भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे। इमारत गिराने की कार्रवाई कड़ी सुरक्षा के बीच की गई। पूरे इलाके को सील कर दिया गया