लगभग आठ साल पहले 7 लाख 50 हज़ार से अधिक रोहिंग्या, म्याँमार से पलायन कर बांग्लादेश के शिविरों में पहुँचे थे. यह संकट आज भी जारी है. मंगलवार को न्यूयॉर्क में विश्व नेता, संयुक्त राष्ट्र अधिकारी और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एक उच्च-स्तरीय बैठक में, न केवल इस मानवीय आपातस्थिति पर, बल्कि इसे लम्बा खींचने वाले भू-राजनैतिक गतिरोध पर भी चर्चा करेंगे.