Illegal Firecrackers in Delhi: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (NR-1) ने अवैध पटाखों के व्यापार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 1323 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए हैं। ये पटाखे दो अलग-अलग गोदामों से बरामद किए गए, जिनका उपयोग दिल्ली-NCR में अवैध रूप से सप्लाई करने की योजना थी। इस ऑपरेशन में पुलिस ने 2 व्यापारियों और एक ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों पर विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 288 BNS और 9B के तहत FIR No. 202/24 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस अवैध व्यापार की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
बड़ी मात्रा में पटाखे जमा किए हुए थे
जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच के डीसीपी सतीश कुमार ने बताया कि 11 सितंबर को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि बापरोला गांव के एक गोदाम में बड़ी मात्रा में पटाखे जमा किए गए हैं, जिन्हें दिल्ली के अलग अलग इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की गई। टीम का गठन किया गया और गोदाम पर छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में पटाखे बरामद हुए। इस दौरान संजय अत्रि नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जो पेशे से ड्राइवर है और पिकअप वाहन के जरिए इन पटाखों की सप्लाई करता था। इसके अलावा, गोदाम के मालिक विपिन को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस अवैध व्यापार में शामिल था।
धोखाधड़ी करने वाला एक आरोपी भी गिरफ्तार
एक अन्य मामले में भी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को कामयाबी मिली है, एक हाई प्रोफाइल धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी स्वदेश रंजन मिश्रा उर्फ दुर्गेश को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच स्पेशल सेल कर रही थी। अधिकारियों ने बताया कि इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह की टीम आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पंचशील पार्क में अपने दोस्त से मिलने आएगा। मैनुअल इंटेलिजेंस और तकनीकी निगरानी के माध्यम से पुलिस ने पंचशील पार्क के एक कार्यालय में आरोपी को सचिन मित्तल से मिलने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी है और उसने एमसीए की पढ़ाई की है। उसने 2018 से 2022 तक सचिन मित्तल की कंपनी में काम किया था। धोखाधड़ी के मामले में सुनील कुमार गुप्ता द्वारा दर्ज की गई शिकायत के आधार पर 2023 में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने उसके अन्य साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन स्वदेश मिश्रा गिरफ्तारी से बचता रहा।
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