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केंद्र का कहना है कि राज्यों को मिनरल रॉयल्टी पर टैक्स लगाने का अधिकार नहीं दिया जा सकता। इससे अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग कीमत हो जाएगी। अलग-अलग कीमतों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ेगा। इससे भारत का फेडरल स्ट्रक्चर प्रभावित हो सकता है