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इस प्रोग्राम के लिए स्वतंत्र रूप से या संयुक्त उद्यम या कंसोर्सियम के रूप में बोली लगाई जा सकती है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि बोली लगाने वाली कंपनी या कंसोर्सियम को भारतीय कंपनी होनी चाहिए जो देश के कानूनों और नियमों का अनुपालन करती हो