यूपी के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब कार्यकाल खत्म होने के बाद गांवों में विकास कार्यों को संचालित करने के लिए एक प्रशासनिक समिति का गठन किया जाएगा। इस बड़े फैसले का सीधा मतलब यह है कि वर्तमान ग्राम प्रधान ही अगले पंचायत चुनाव होने तक गांवों के विकास कार्यों के प्रति पूरी तरह जिम्मेदार बने रहेंगे