सीआरपीसी की धारा 82 के तहत, यदि अदालत को लगता है कि कोई आरोपी फरार है या जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है, तो उसके खिलाफ उद्घोषणा जारी की जाती है, जिसमें उसे अदालत के सामने पेश होने के लिए कहा जाता है। इसी प्रावधान के तहत मजिस्ट्रेट नगमा खान ने चोरी के आरोपी राजकुमार उर्फ पप्पू के खिलाफ उद्घोषणा जारी की थी। लेकिन पुलिस अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया को ही गलत समझ लिया