ये कल्पना करना कितना पीड़ादायक है कि एक तो रोज़ाना की ज़िन्दगी युद्ध में गुज़ारना हो और उस पर भी भोजन पकाने और सर्दियों की ठंड में घरों को गर्म रखने के लिए बिजली या गैस उपलब्ध नहीं हो; कुछ ऐसी ही दैनिक वास्तविकता में जीने के लिए मजबूर हैं यूक्रेन के हज़ारों नागरिक. रूसी हमलों में अक्सर बिजली ठप हो रही है और लोगों को अक्सर कई दिनों तक बिजली के बिना ही रहना पड़ता है.