यूक्रेन में युद्ध के अग्रिम मोर्चे वाले इलाक़ों में बसे किसानों ने पिछले तीन वर्षों से जारी हिंसक टकराव की एक बड़ी क़ीमत चुकाई है. जिन खेतों में कभी फ़सलें लहलहाती थीं, अब वहाँ सुरक्षित पहुँच पाना भी किसानों के लिए मुश्किल हो गया है. अपने खेतों में बारूदी सुरंगों, विस्फोटक सामग्री को बिखरे हुए देखना, यूक्रेन के ग्रामीण परिवारों के लिए फ़िलहाल एक कठोर वास्तविकता बन गया है.