अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार जाँचकर्ताओं ने कहा है कि यूक्रेन के बड़ी संख्या में बच्चे अब भी लापता हैं, जिन्हें रूस और उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में दूर-दूर तक और अलग-अलग स्थानों पर जबरन ले जाया गया है, जबकि उनके परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं. उनके अनुसार, रूस द्वारा एक हज़ार से अधिक बच्चों को व्यवस्थित ढंग से निर्वासित और अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित करना, मानवता के विरुद्ध अपराध है.