युद्ध की क्रूरता और भयावहता से जीवन तहस-नहस हो रहे हैं, बचपन बर्बाद हो रहा है और बुनियादी मानव गरिमा को गहरी ठेस पहुँच रही है. संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम अधिकारी ने रविवार को ‘अन्तरराष्ट्रीय शान्ति दिवस’ के अवसर पर बन्दूकों को शान्त करने, दरारों पर मरहम लगाने और आशा का निर्माण करने की पुकार लगाई है.