वर्ष 2017 में, म्याँमार के राख़ीन प्रान्त में सैन्य बलों की भीषण कार्रवाई से बचने के लिए सामूहिक विस्थापन का शिकार हुए रोहिंज्या समुदाय ने सुरक्षा की तलाश में बांग्लादेश का रुख़ किया था. संयुक्त राष्ट्र ने इस त्रासदी के आठ वर्ष होने के अवसर पर ध्यान दिलाया है कि मुख्यत: मुस्लिम समुदाय की म्याँमार में गरिमामय, स्वैच्छिक वापसी सुनिश्चित करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय एकजुटता दर्शाई जानी होगी.