शक्तिशाली भूकम्प से हुई बर्बादी झेल रहे म्याँमार में क्षतिग्रस्त घरों व इमारतों की सुरक्षा के प्रति चिन्ता व्याप्त है, जिसकी वजह से लोगों को बाहर सड़कों पर रात गुज़ारनी पड़ रही है. साथ ही, मॉनसून की बारिश समय से पहले होने और जल-जनित बीमारियों के फैलने की आशंका से आपदा-प्रभावित लोगों के लिए दैनिक गुज़र-बसर बेहद कठिन साबित हो रही है.