म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट के चार साल पूरे होने का पड़ाव, बर्बर सैन्य नेतृत्व के हाथों अपनी जान गँवाने वाले हज़ारों मासूम नागरिकों का शोक मनाने का एक अवसर है. म्याँमार में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ टॉम एंड्रयूज़ ने अपने एक वक्तव्य में ध्यान दिलाया है कि यह क्षण, संकट से गुज़र से रहे देश में मानवाधिकारों के पक्ष में खड़े होने वाले नायकों का आभार प्रकट करने का भी है.