शीर्ष खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को संस्थागत समर्थन को दर्शाता है। सूत्रों ने कहा कि जब पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण किया, तो ‘ऑपरेशन बनयान अल-मर्सस’ की सराहना की आड़ में सभी चरमपंथी एक मंच पर वापस आ गए। खुफिया सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि तल्हा की मौजूदगी से पता चलता है कि चरमपंथी सरकार के संरक्षण में पाकिस्तानी सेना का जश्न मना रहे हैं