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सांसद का कहना है कि यह घटना जनवरी में हुई, जब उन्होंने इंटरनेट पर बढ़ रही डीपफेक पोर्नोग्राफी की समस्या के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई थी। आरोप है कि किसी व्यक्ति ने ग्रोक की मदद से उनकी असली तस्वीरों में बदलाव कर ऐसी तस्वीरें बना दीं, जो हकीकत में कभी मौजूद ही नहीं थीं