Atul Subhash Suicide Case: बेंगलुरू में काम कर रहे एक AI इंजीनियर अतुल सुभाष की खुदकुशी ने सभी को हिला कर रख दिया है। खुदकुशी से पहले उन्होंने अपने परिवार को एक चौंकाने वाला संदेश छोड़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि, “मैं अपने मां-बाप और भाई से यही कहूंगा कि मेरे जाने के बाद, मेरी पत्नी या उसके परिवार से बिना कैमरे के न मिलना, क्योंकि वे कुछ भी केस लगा सकते हैं। हमारी तरफ से भी औरतें साथ होनी चाहिए और जब भी मिलना, तो पब्लिक प्लेस में ही मिलना।’ यह बयान उनके निजी जीवन के स्ट्रगल और उनके परिवार के साथ खराब संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठाता है।
AI इंजीनियर अतुल सुभाष ने दुनिया छोड़ने से पहले 24 पन्नों के सुसाइड नोट में कुछ ऐसे सवाल पूछे जिसका जवाब शायद सिस्टम के पास नहीं है। मरने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया और खुदकुशी करने के पीछे की बड़ी वजह बताई। इसके साथ ही अतुल ने अपने 4 साल के बेटे के लिए इमोशनल पोस्ट लिखा जिसे पढ़कर हर मां और पिता का कलेजा फट जाएगा। अतुल ने अपनी पत्नी पर आरोप लगाया है कि वो उन्हें बेटे से नहीं मिलवाती थी। AI इंजीनियर ने मरने से पहले भावुक पोस्ट में ये भी लिखा कि उन्हें तो अपने बेटे का चेहरा भी अब याद नहीं क्योंकि उन्होंने लंबे अरसे से उसे देखा नहीं है।
बेटे की शक्ल देखने के लिए तरसता था अतुल
अतुल सुभाष ने सोमवार को खुदकुशी से पहले जो 24 पेज का नोट लिखा था, उसमें तकनीकी विशेषज्ञ ने उनके चार साल के बेटे को संबोधित एक पत्र छोड़ा था, जो अतुल से अलग हो चुकी पत्नी निकिता सिंघानिया के साथ रहता है। अतुल ने लिखा कि वह अपने बेटे से कुछ बातें कहना चाहते थे और उम्मीद करते हैं कि वो किसी दिन इसे समझने के लिए पर्याप्त ”बुद्धिमान” हो जाएगा।
बेटे को माता-पिता को सौंपनी की इच्छा जताई
मौत से पहले अतुल अपने बेटे के लिए एक गिफ्ट छोड़ गए हैं। वो चाहते हैं कि उनका बेटा जब 2038 में 18 साल का हो जाए तब इस लिफाफे को खोले। अतुल ने ये भी कहा कि उनकी आखिरी इच्छा है कि पत्नी बेटे को उनके माता-पिता को सौंप दे ताकि उसे अच्छी वैल्यूज मिल सकें। उन्होंने अपने आखिरी वीडियो में कहा कि मेरे माता-पिता उसे नाज से पालेंगे और उनका भाई भी बहुत अच्छा है।

अतुल ने कहा- बेटे का इस्तेमाल करके पैसे मांगते थे
अतुल सुभाष ने अपने सुसाइड नोट में उस दर्द को बयां किया है जिसे वो इतने समय से झेल रहे थे। वो इतने टूट चुके थे कि उन्होंने अपने जिगड़ के टुकड़े को भी दोषी बताया क्योंकि उनकी पत्नी और ससुराल वालें बेटे का इस्तेमाल कर उनसे पैसे मांग रहे थे। अतुल सुभाष ने इमोशनल नोट में लिखा, ”जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा तो मैंने सोचा कि मैं किसी भी दिन तुम्हारे लिए अपनी जान दे सकता हूं। लेकिन, दुख की बात है कि मैं तुम्हारे कारण अपनी जान दे रहा हूं। मुझे अब आपका चेहरा भी याद नहीं है जब तक कि मैं आपकी वह तस्वीरें न देख लूं जब आप एक साल के थे। कभी-कभी दर्द की एक झलक के अलावा मुझे अब तुम्हारे बारे में कुछ भी महसूस नहीं होता। अब, आप बस एक ब्लैकमेल की तरह महसूस होने लगे हैं जिसका उपयोग करके मुझसे और अधिक उगाही की जाएगी। हालांकि इससे आपको दुख होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि अब ऐसे लगने लगा है कि मुझसे गलती हुई हो गई थी।” अतुल ने कहा कि 2021 में अलग होने के बाद से उनकी पत्नी ने उन्हें अपने बेटे से मिलने नहीं दिया। उनके भाई बिकास कुमार ने आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत में कहा है कि निकिता ने अतुल से अपने बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की थी।

अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को लगाई फांसी
अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को बेंगलुरु में अपने बेडरूम के सीलिंग फैन से लटककर फांसी लगा ली। उन्होंने सुसाइड के वक्त जो टीर्शट पहनी थी, उस पर लिखा था Justice Is Due । इससे पहले डेढ घंटे का वीडियो और 24 पन्नों की चिट्ठी में अतुल ने सुसाइड के लिए पत्नी, ससुरालवालों और न्यायिक व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया। उनकी शादी 2019 में निकिता सिंघानिया से हुई थी, जिससे उनका एक बच्चा था. शादी के 2 साल बाद पत्नी ने दहेज उत्पीड़न, पिता की हत्या और अप्राकृतिक यौन शोषण तक के 9 केस अतुल के खिलाफ दर्ज करा दिए। अतुल ने आरोप लगाया कि इन मामलों को सेटल करने के लिए उनसे तीन करोड़ रुपये की डिमांड की थी।

सुसाइड केस में पत्नी समेत 4 के खिलाफ मामला दर्ज
अतुल सुभाष के सुसाइड मामले में बेंगलुरु पुलिस ने उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, साले अनुराग सिंघानिया और चाचा ससुर सुशील सिंघानिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अतुल के भाई विकास कुमार ने बेंगलुरु के मराठाहल्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी। इसी के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), धारा 3(5) का केस दर्ज किया है।
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