(खबरें अब आसान भाषा में)
रामदेव अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों के मैनेजमेंट से बातचीत करने पर पता चलता है कि कारोबार की स्थितियों को लेकर वे आशावान हैं। आप कंपनियों में जाएंगे तो पाएंगे कि आशावादी कंपनियों की संख्या निराशावादी कंपनियों से ज्यादा है