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मानवाधिकारों की नींव पर आधारित भविष्य को आकार देकर ही सर्वजन के लिए एक समावेशी व शान्तिपूर्ण दुनिया को हासिल किया जा सकता है. संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने सोमवार को जारी अपने एक वक्तव्य में यह बात कही है.