यह ग्यारस का दिन था, एक पवित्र उपवास का दिन और पूजा पाठ करने वाली सास को लग रहा था कि सोनम पैदल ट्रेकिंग करने के दौरान कुछ खा लेगी। इसी को लेकर उन्होंने बहू सोनम से फोन पर बात की, तो दूसरी तरफ से उसने बड़ी ही विनम्र आवाज में व्रत तोड़ने से माना किया। इस दौरान फोन पर उसकी सांस फूल रही थी, जो फोन के दूसरी तरफ राजा की मां को भी पता चल रहा था