(खबरें अब आसान भाषा में)
सर्जिकल दस्तानों से लेकर पानी की बोतलों, ख़रीदारी के थैलों और च्यूइंग गम तक, प्लास्टिक हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है. यह सुविधा का प्रतीक है – लेकिन इसकी टिकाऊ प्रकृति ने जहाँ हमें इस पर अत्यधिक निर्भर बना दिया है, वहीं यही टिकाऊपन पर्यावरण का दम भी घोंट रहा है.