मुंबई लोकल में एक रोजाना का सफर उस समय तनावपूर्ण बहस में बदल गया, जब महिलाओं के डिब्बे में सीट को लेकर महिला यात्रियों के बीच कहासुनी हो गई। यह कहासुनी धीरे-धीरे भाषा को लेकर बहस में बदल गई, जिसमें मराठी बोलने वाली महिलाओं के एक समूह ने एक यात्री से हिंदी में बात करने के बजाय मराठी बोलने की मांग की।