यह अहम सफलता उस लंबे संघर्ष का नतीजा है, जिसे मराठा समाज दशकों से चला रहा है। राज्य की करीब 30% आबादी वाले मराठा समुदाय की यह ऐतिहासिक मांग अब आंशिक रूप से पूरी होती दिख रही है। राजनीति में मजबूत पकड़ होने के बावजूद, मराठा समाज का बड़ा हिस्सा लंबे समय से यह दलील देता रहा है कि उनकी बड़ी आबादी अब भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई है