(खबरें अब आसान भाषा में)
मनोज सुनारिया ने लोकेल 18 को बताया कि वह 3 साल से लड़कियों को क्रिकेट सीखा रहे हैं . इससे पहले वह कुवैत में नौकरी करते थे . उनका सपना भी क्रिकेटर बना था लेकिन संसाधनों की कमी व सही मार्गदर्शन नहीं होने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया