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Success Story: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के छोटे से गांव माडवा खापरदा की रहने वाली रुक्मिणी कटारा कभी मनरेगा के तहत मजदूरी कर अपने घर का खर्च चलाती थीं। 9वीं पास रुक्मिणी मनरेगा से के तहत मिलने वाले पैसे से अपना घर चलाने वाली की लाइफ एक ट्रेनिंग से बदल गई