Manmohan Singh Death: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद पूरा देश शोक में है। नम आंखों से आज देश उन्हें अंतिम विदाई दे रहा है। दिल्ली के निगमबोध घाट पर पौने 12 बजे मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। एक दुख भरे माहौल के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अंतिम संस्कार से पहले जगह और स्मारक को लेकर भी राजनीति हो रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता एक दूसरे पर मनमोहन सिंह का अपमान करने के आरोप लगा रहे हैं।
मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर की रात को दिल्ली एम्स में निधन हुआ था। दुख की घड़ी में राजनीति से इतर हर किसी ने मनमोहन सिंह के कामों की प्रशंसा की और उनके निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के नेता, मनमोहन सिंह के घर सबका तांता लगा रहा और उन्होंने पूर्व पीएम के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी 27 दिसंबर को मनमोहन सिंह के घर गए, उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अभी शनिवार सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर दिल्ली के निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हालांकि उसके पहले राजनीतिक पार्टियां आमने-सामने आकर खड़ो हो गई हैं।
अंतिम संस्कार की जगह और समाधि स्थल पर क्या संग्राम छिड़ा?
आमतौर पर किसी भी प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले लोगों का अंतिम संस्कार विशेष स्थल पर होता है। उदाहरण के लिए राजघाट, जहां महात्मा गांधी का भी समाधि स्थल है और कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का भी अंतिम संस्कार वहां हुआ। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्रियों और विशेष लोगों के अंतिम संस्कार को लेकर निर्णय उनके परिवार के लोग और सरकार करती है। अगर परिवार चाहे तो उस शख्सियत का अंतिम संस्कार उनके गृह राज्य में भी हो सकता है। फिलहाल सरकार ने तय किया है कि मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान किया जाएगा, लेकिन इस जगह को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी दिखाई और उसने सत्ता पक्ष पर एक सिख पीएम के अपमान का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने सरकार पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस की तरफ से आरोप हैं कि सरकार ने उस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार ऐसी जगह करने की मांग की गई, जहां उनका स्मारक बनाया जा सके। पिछले दिन कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक पोस्ट ‘X’ पर लिखा और कहा कि ‘सुबह कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर प्रस्ताव दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार ऐसे स्थान पर किया जाए जहां उनकी विरासत का सम्मान करने के लिए एक स्मारक बनाया जा सके। हमारे देश के लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत सरकार उनके वैश्विक कद, उत्कृष्ट उपलब्धियों के रिकॉर्ड और दशकों तक राष्ट्र की उल्लेखनीय सेवा के अनुरूप उनके अंतिम संस्कार और स्मारक के लिए कोई स्थान क्यों नहीं ढूंढ सकी। ये कुछ और नहीं, भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का जानबूझकर किया गया अपमान है।’
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कांग्रेस की तरफ से बताया गया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी और अमित शाह को भी फोन किया था और पत्र भी लिखा था। कांग्रेस ने पत्र ‘X’ पर साझा करते हुए लिखा- ‘पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात करके और एक पत्र लिखकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से पुरजोर अनुरोध किया कि भारत के सपूत सरदार मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार और स्मारक स्थापित करना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी का आया जवाब
बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं- ‘शुक्रवार को कैबिनेट मीटिंग में ये निर्णय लिया गया कि मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए अलग से समाधि स्थल दिया जाएगा। ये शर्मनाक है कि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी मनमोहन सिंह को वो सम्मान नहीं दिया, जिसके वो हकदार थे। अब वो (कांग्रेस) उनकी मौत पर राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने नेहरू गांधी परिवार के अलावा किसी भी प्रधानमंत्री को सम्मान नहीं दिया। यह उनका इतिहास है। पीवी नरसिंह राव, सरदार पटेल हम सभी कहानियां जानते हैं।’
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा- ‘कम से कम आज इस दुख की घड़ी में राजनीति करना बंद कर देना चाहिए। जहां तक हमारी सरकार का सवाल है, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने दलीय भावना से ऊपर उठकर सभी नेताओं को सम्मान दिया है। जिस तरह से डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल में उनके साथ व्यवहार किया गया, देश के पास कुछ भी छिपा नहीं है।’
मनमोहन सिंह के स्मारक को लेकर सरकार का फैसला
केंद्र की सरकार पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का स्मारक बनवाएगी। कांग्रेस के आरोपों के बाद गृह मंत्रालय की तरफ से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई, जिसमें कहा गया- ‘सरकार को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए स्थान आवंटित करने का अनुरोध प्राप्त हुआ। कैबिनेट की बैठक के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और स्वर्गीय डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार को सूचित किया कि सरकार स्मारक के लिए स्थान आवंटित करेगी। इस बीच दाह संस्कार और अन्य औपचारिकताएं हो सकती हैं, क्योंकि एक ट्रस्ट का गठन किया जाना है और इसके लिए स्थान आवंटित किया जाना है।’
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