बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ मध्यप्रदेश में लगातार दूसरे दिन बुधवार को विरोध प्रदर्शन जारी रहा। विभिन्न शहरों में ‘एक हैं तो सेफ हैं’ के नारे के बीच पैदल मार्च निकाले गए। कुछ स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और मंत्रियों ने भी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया जबकि भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों व कस्बों में एकजुटता के लिए आधे दिन के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रहे।
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर पांच अगस्त के बाद से 200 से अधिक हमले हुए हैं। भाजपा नेताओं और मंत्रियों ने आम लोगों के साथ मिलकर भोपाल के भदभदा चौराहे से रोशनपुरा तक विरोध मार्च निकाला।
भोपाल हुजूर सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि ‘सकल हिंदू समाज’ हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों, मंदिरों, गुरुद्वारों और बुद्ध तीर्थस्थलों को तोड़ने और आगजनी से दुखी है।
इन्दौर में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आशीष सिंह को सौंपा।
प्रदर्शन में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा विधायक उषा ठाकुर और भाजपा के अन्य नेता भी शामिल हुए।
दमोह, उज्जैन, आगर मालवा, जबलपुर, मैहर, सीधी, शाजापुर और कई अन्य जिला मुख्यालयों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपे गए। मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों और कस्बों में मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए थे।
अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत-बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं।
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