गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट
Kanpur News: कानपुर में पुलिस ने मदरसे की आड़ में डिजिटल अरेस्ट तथा अन्य साइबर ठगी का पैसा अपने खाते में मंगाने वाले मौलाना और उसके साथी को अरेस्ट किया है। मौलाना चैरिटी की आड़ में ठगी की रकम मदरसे के खाते में मंगा रहा था फिर अपने हिस्से की रकम काटकर उसे साइबर ठगों को लौटा रहा था। इस पूरे काम में ठगों को टेक्निकल सपोर्ट देने वाले बीटेक छात्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस मौलाना से पूछताछ करके साइबर ठगों के सिंडीकेट का खुलासा करने के प्रयास में जुटी है।
कानपुर के डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने एसीपी कर्नलगंज थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि कर्नलगंज थाना क्षेत्र के यतीमखाना निवासी मो. जावेद अख्तर मदरसा कसीमुल उलूम फाउंडेशन चलाता है। मोहम्मद जावेद ने मदरसे के चैरिटी अकाउंट का फायदा उठाकर साइबर ठगों के साथ मिलकर देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले डिजिटल अरेस्ट समेत अन्य तरीके की साइबर ठगी की रकम अपने खाते में मंगाता था। इसके बदले में साइबर ठग उसे 20 से 30 फीसदी तक कमीशन काटकर बाकी रकम लौटा देता था।
साइबर ठगी को मौलाना मो. जावेद अख्तर अपने खाते में मंगाने के साथ ही अलग-अलग खातों में बांटकर उनसे कैस हासिल करता था।खाते में कैश मंगाने से लेकर अलग-अलग खातों में ठगी के लाखों रुपए को बांटने में उसका टेक्निकल सपोर्ट हीरामन का पुरवा बेकनगंज निवासी मोहम्मद स्वालेह करता था।
करोड़पति बनने की ललक ने बना दिया साइबर ठग
दरसल 25 साल के युवक स्वालेह आईटी से बीटेक करने के बाद एक निजी कंपनी में इंजीनियर था, लेकिन रातों-रात करोड़पति बनने की ललक में साइबर ठगों से जुड़ गया था। इसके बाद मौलाना को टेक्निकल सपोर्ट देने के लिए काम करने लगा था। कर्नलगंज पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया और एफआईआर दर्ज करने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद शनिवार को जेल भेज दिया।
डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात के वड़ोदरा के एक कारोबारी से डिजिटल अरेस्ट करके करीब 60 लाख रुपए की ठगी हुई थी। उस ठगी की रकम का 32.50 लाख रुपए मौलाना के मदरसा वाले अकाउंट में ट्रांसफर हुआ था। कारोबारी ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई तो मौलाना मो. जावेद अख्तर का अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। वड़ोदरा पुलिस ने मौलाना को ऑनलाइन नोटिस भी भेजा।
प्रॉपर्टी में निवेश करते थे फ्रॉड का पैसा
डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगों से लखनऊ और दिल्ली के नेटवर्क का पता चला है। यह सिंडीकेट पूरे देश भर में डिजिटल अरेस्ट समेत अन्य तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देता है। पुलिस की एक टीम नेटवर्क का खुलासा करने के लिए काम कर रही है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा।
सरगना मो. जावेद अख्तर कानपुर से लेकर बिहार तक में प्रॉपर्टी में करोड़ों रुपए इन्वेस्ट किया है। अकाउंट के साथ ही उसकी संपत्ति की भी जांच की जा रही है। मौलाना मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है। सीडीआर के साथ व्हाट्सएप कॉल की भी जांच की जा रही है।
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