(खबरें अब आसान भाषा में)
FPI’s Selling in May: बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजे अपेक्षा से कमजोर रहने, रुपये में लगातार गिरावट और अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया व ताइवान जैसे बाजारों में बेहतर रिटर्न से विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा वहां शिफ्ट किया है