भारत के राजस्थान राज्य के कई हिस्सों में पानी की कमी और अनियमित वर्षा, लम्बे समय से बड़ी चुनौती रही है. ऐसे में प्रतापगढ़ ज़िले में स्थित कोटरी नामक आदिवासी गाँव, एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरा है. इस गाँव ने दर्शाया है कि सामुदायिक भागेदारी, प्रशिक्षण, जल गुणवत्ता की निगरानी और साझा दायित्व से जल प्रबन्धन को किस तरह से टिकाऊ बनाया जा सकता है.