Republic Bharat Summit 2024: गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत की संस्कृति और टूरिज्म सेक्टर को लेकर बड़ा बयान दिया है। रिपब्लिक भारत के ‘राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन’ में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत की तरफ देखने और उसे समझने का उत्साह वो विश्व में बढ़ा है। उन्होंने पर्यटन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया है और साथ ही महंगे घरेलू टूरिज्म को लेकर अपनी राय रखी है।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत का योग, आयुष और ऋषि परंपरा, भारत की कला और संस्कृति, इन सबको जानने और पहचानने के लिए भारत के प्रति विश्व में आकर्षण बढ़ा है। भारत को देखने का नजरिया जिस तरह बदला है, हमारा संस्कृति मंत्रालय निश्चित रूप से बहुत बड़ी भावनाओं के साथ में काम करने वाला विभाग है।
‘भारत की तरफ देखने का उत्साह विश्व में बढ़ा’
उन्होंने कहा कि पर्यटन के बारे में हमने जो इतिहास में पढ़ा है, भारत को जानने के लिए, भारत की बौद्धिक संपदा को अनुभव करने के लिए, भारत के ऐश्वर्य को अनुभव करने के लिए, भारत के ज्ञान-विज्ञान को पहचानने के लिए और भारत के स्थापत्य को जानने के लिए, इतिहास साक्षी है दुनियाभर से लोग भारत आते थे। वो सिर्फ आते ही नहीं थे, बल्कि उसके पदचिन्ह आपको भारत में अनेकों जगह किसी ना किसी तरह देखने को मिलेंगे। हालांकि भारत को कालांतर में उसकी कीमत भी चुकानी पड़ी। फिर से भारत को जानने-पहचानने के लिए, भारत ने जिस तरह काम किया है सामान्य व्यक्ति के जीवन में बदलाव की व्यवस्था को लेकर और स्पेस सेक्टर तक जिस तरह भारत ने प्रगति की है। भारत की तरफ देखने और उसे समझने का उत्साह वो विश्व में बढ़ा है। इसका लाभ पर्यटन सेक्टर को भी होगा।
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पर्यटन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी- शेखावत
गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन के लिए जो प्राथमिक आवश्यकता है, वो इंफ्रास्ट्रक्चर की है। भारत के प्रति देखने का उत्साह लोगों में है, लेकिन भारत में आकर यहां ट्रैवल एंड टूर के लिए जिस तरह की आवश्यकता थी, उसकी कमी हमारे देश में थी। पिछले 10 साल में इंफ्रास्ट्रक्टर का जिस तरह विस्तार हुआ, नए हाईवे-रेलवे स्टेशन, वंदे भारत समेत नई सेमी ट्रेनें, एयरपोर्ट बने हैं। उसके चलते लोगों के ट्रैवल करने की सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्टर की कमी बड़ी चुनौती थी। उस चुनौती से हम बाहर निकले हैं तो अनुकूलताएं हमें दिखी हैं। उससे पहले जिस तरह के कोई पर्यटन कहीं जाता है तो देखते हैं शांति का बात होती है। कोई भी पर्यटन शांति और स्टेबिलिटी देश में देखता है।
घरेलू टूरिज्म को सस्ता क्यों नहीं किया जा सकता?
घरेलू टूरिज्म को सस्ता करने के सवाल पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि घरेलू टूरिज्म सस्ता करने का विषय नहीं है। टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर महंगा क्यों है, ये विषय है। होटल, एयर टिकट वो महंगे हैं। महंगे होने के बावजूद वो खाली नहीं हैं। देश में आप कहीं भी होटल और डेस्टिनेशन पर चले जाइए, जगह नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिस गति से भारत में घरेलू पर्यटन बढ़ रहा है और साथ में भारत में काम धरातल पर हुए, उसके चलते हुए भारत में मध्यम वर्ग का विकास हो रहा है। आज 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल पाए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, वो एक्सपायरिंग क्लास है, जो सदियों से इस बात का इंतजार कर रही थी कि कभी हम भी घर से बाहर निकलकर जाएंगे। उनकी जो बढ़ती हुई ताकत है, वो हिंदुस्तान में इस सेक्टर को महंगा सेक्टर बनाती है। आज हमारी इकोनॉमी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उसके साथ मिडिल सेक्टर इनकम ग्रुप बढ़ रहा है, हमारा टूरिज्म सेक्टर इस बात को मानता है कि 14 फीसदी से पर्यटन इंडस्ट्री का विकास होगा। उन्होंने कहा कि आज 247 बिलियन डॉलर का टूरिज्म मार्केट है। अगले 5 साल में ये बढ़कर 500 बिलियन डॉलर हो जाएगा और ये ऑर्गनाइज्ड मार्केट है।
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