Beldanga violence: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 16 नवंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में दो समूहों के बीच हुई झड़प पर पश्चिम बंगाल सरकार को एक दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का मंगलवार को निर्देश दिया।
अदालत ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि जिन लोगों के बारे में दावा किया गया है कि उन्हें झड़पों के कारण अपने घरों से बेदखल कर दिया गया, उन्हें उनके घरों में वापस भेजा जाए और उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए।
रिपोर्ट पेश करने का निर्देश
न्यायमूर्ति हरीश टंडन और न्यायमूर्ति हिरणमय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने राज्य के महाधिवक्ता को मुर्शिदाबाद जिले, खासकर बेलडांगा क्षेत्र में दो समूहों के बीच हुई झड़पों और निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों पर एक जिम्मेदार उच्च पदस्थ अधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
खंडपीठ ने राज्य सरकार से रिपोर्ट में यह भी बताने को कहा कि हिंसा से निपटने के लिए क्या उपाय किए गए। उसने हिंसा के सिलसिले में हिरासत में लिए गए लोगों के नाम बताने को भी कहा। खंडपीठ ने प्रशासन को हिंसा में घायल लोगों को पूरी तरह ठीक होने तक सभी जरूरी चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराने का भी निर्देश दिया।
बेलडांगा हिंसा में याचिका
बेलडांगा में हिंसा को लेकर दो याचिकाकर्ताओं ने दो अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं, जिनमें राज्य सरकार से घटना के संबंध में रिपोर्ट मांगने और बेलडांगा के साथ-साथ पूरे मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती करने का अनुरोध किया गया है।
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