बेंगलुरु के बाबूसापल्या में एक निर्माणाधीन इमारत ढह जाने के बाद बचाव अभियान के दौरान सात और शव बरामद किए गए। पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार को हुई जिसके बाद से ही अग्निशमन एवं आपातकालीन विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल की टीम घटनास्थल पर राहत-बचाव अभियान में जुटी है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘केवल चार मंजिल के निर्माण की ही अनुमति दी गई थी लेकिन सात मंजिल का निर्माण किया गया।’’
बेंगलुरु में 7 और शव बरामद
राहत-बचाव दल ने मंगलवार को एक शव बरामद किया था। उन्होंने बताया, “सात और शव बरामद कर लिए गए हैं तथा छह श्रमिक घायल हो गए हैं।” तेरह श्रमिकों को बचा लिया गया है तथा यह पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है कि क्या और लोग फंसे हुए हैं।
घटनास्थल का दौरा करने वाले लोकायुक्त न्यायमूर्ति बी एस पाटिल ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण घटना” करार दिया और आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
घटना में 8 लोगों की जान गई
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। आठ निर्दोष लोगों की जान चली गई। आशंका है कि दो और लोग अब भी फंसे हुए हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? ऐसा क्यों हुआ? किसकी गलती है? हमने स्वत: संज्ञान लेकर मामला दर्ज कर लिया है। हम यहां निरीक्षण के लिए आए हैं।”
उन्होंने कहा, ‘‘निरीक्षण में पता चला कि इमारत के लिए कोई लाइसेंस नहीं था। जब इतनी बड़ी इमारत बन रही थी तब न तो कोई स्वीकृत नक्शा था और न ही कोई लाइसेंस। इमारत का निर्माण अवैध रूप से किया जा रहा था।’’
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