(खबरें अब आसान भाषा में)
2005 में ये तिलिस्म टूटा और ऐसा टूटा कि 20 सालों से सत्ता में आने के लिए उन्हें नीतीश कुमार का सहारा लेना पड़ा। एक बार फिर अगड़ी जातियों के रहनुमा बनने की कोशिश में लगी हैं बिहार में दो दो हाथ कर रही तमाम पार्टियों। सभी गठबंधनों को पता है कि कोई भी एक अगड़ी जाति टूटी तो मुश्किले बढ सकती हैं