प्रशांत किशोर लोगों की कम उपस्थिति को लेकर नाखुश दिखे और उन्होंने बमुश्किल 10 मिनट रैली को संबोधित करने का फैसला किया। उन्होंने प्रशासन पर ‘‘राज्य के दूसरे हिस्सों से आने वाले कम से कम दो लाख लोगों के पटना में घुसने से रोकने’’ का आरोप लगाया। किशोर ने इस साल की शुरुआत में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा के उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन में अपनी भागीदारी को भी याद किया