(खबरें अब आसान भाषा में)
भारत में ज्यादातर पेरेंटस अपने बच्चों के लिए संपत्ति जोड़ते हैं और कई बार एक वसीयत भी बनाते हैं ताकि उनके निधन के बाद संपत्ति का बंटवारा बिना झगड़े के हो सके। लेकिन अगर कोई व्यक्ति वसीयत नहीं छोड़ता है, तो बच्चों के बीच प्रॉपर्टी का बराबर हिस्सा होता है