संयुक्त राष्ट्र की यौन एवं प्रजनन एजेंसी, UNFPA का कहना है कि दुनिया के अनेक क्षेत्रों में, प्रत्येक दिन, औसतन पाँच में से हर एक लड़की का बचपन में ही विवाह कर दिया जाता है. यह एक ग़ैरक़ानूनी चलन है, जिसकी दुनिया भर में निन्दा होती है, लेकिन फिर भी यह प्रथा वैश्विक स्तर पर फैली हुई है. UNFPA सभी देशों से बाल विवाह के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलन्द करने आग्रह कर रहा है.