बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और पूर्व गृहमंत्री को ढाका में अन्तरराष्ट्रीय अपराध ट्राइब्यूनल ने मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए दोषी क़रार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने इस निर्णय को, 2024 में भड़के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई दमनात्मक कार्रवाई और मानवाधिकार हनन के भुक्तभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण क़रार दिया है, मगर मृत्युदंड थोपे जाने पर खेद व्यक्त करते हुए, निष्पक्ष अदालती प्रक्रिया के अन्तरराष्ट्रीय मानकों की अहमियत पर भी बल दिया है.