Bahraich: कई हफ्ते से बहराइच में आदमखोर भेड़िए घूम रहे हैं। अब तक तकरीबन 10 लोगों को अपना निवाला बना चुके नरभक्षी भेड़िए इतने शातिर हैं कि कई दिनों से टीमें लगी हैं, लेकिन वो जाल में फंस नहीं रहे हैं। खूखार भेड़ियों के आतंक ने बहराइच के लोगों की नींद उड़ा रखी है। प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पैर फूल चुके हैं। खैर, भेड़ियों के खौफ में जी रहे बहराइच में अब बंदरों ने भी आतंक मचाना शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बहराइच में देहात कोतवाली इलाके के चौखड़िया ग्राम सभा में बंदरों ने लोगों को टारगेट किया है। ग्रामीण बता रहे हैं कि गांव में दो हजार से ज्यादा बंदर आतंक का पर्याय बने हैं। अभी तक यहां 100 से ज्यादा ग्रामीणों पर आक्रामक बंदरों ने हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल किया। बच्चों पर भी बंदर हमला कर देते हैं, जिससे गांव में बंदरों की दहशत बनी हुई है।
लोगों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार
ग्रामीण कह रहे हैं कि बंदरों ने जीना बेहाल कर दिया है। रास्तों में चलने नहीं देते हैं। बच्चों को कुछ खाने नहीं देते हैं। बंदर सिरों पर कूद पकड़े हैं। बंदरों के आतंक को लेकर सोमवार को दर्जनों ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय गए और उन्होंने डीएम मोनिका रानी से बंदरों को पकड़वाने की गुहार लगाई है।
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बहराइच में भेड़ियों की तलाश में ड्रोन लगे
बहराइच पहले से ही भेड़ियों के खौफ में जी रहा है। लोगों को लग रहा है कि कहीं भेड़िया अपने साथियों की मौत का बदला उनसे ना ले। पिछले हफ्ते तक 4 भेड़िए जरूर पकड़े गए, लेकिन सबसे ज्यादा खतरनाक लंगड़ा भेड़िया अभी तक फरार है और उसके साथ कुछ और भेड़िए बताए जाते हैं। भले ही बीते 3 दिनों से बहराइच में भेड़िया ना दिखा हो, लेकिन इसका मतलब ये हरगिज नहीं है कि उसका आतंक खत्म हो गया है।
वन विभाग की टीमें खेतों में भेड़ियों की तलाश कर रही है। भेड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल ड्रोन तैनात किए गए हैं। वन विभाग की टीम को कुछ जगहों पर भेड़िए के नए पैरों के निशान भी मिले हैं, जो बता रहे हैं कि भेड़िया अभी इलाके में ही है और हमले कर सकता है।
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